अजय शास्त्री/ बेगूसराय। बिहार सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री सह बखरी विधायक संजय पासवान शनिवार को अचानक बेगूसराय सदर अस्पताल पहुंचे, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। मंत्री का यह कड़ा रुख अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही की शिकायत मिलने के बाद सामने आया। उन्होंने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मरीजों के इलाज में कोताही बरती गई, तो संबंधित कर्मियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, नाव कोठी थाना क्षेत्र के पीर नगर गम्हरिया (वार्ड नंबर 7) की निवासी 48 वर्षीय रेणु देवी, पति चंद्रभूषण पासवान, लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित हैं। अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने पहले उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन मरीज को लेकर शुक्रवार की रात करीब 1:30 बजे सदर अस्पताल पहुंचे, लेकिन आरोप है कि रात से लेकर सुबह तक किसी भी डॉक्टर या नर्स ने मरीज की सुध नहीं ली।

​मंत्री के सामने फूटा परिजनों का दर्द

​मरीज की बिगड़ती हालत और अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता को देख परिजनों ने इसकी सूचना सीधे बखरी विधायक और गन्ना मंत्री संजय पासवान को दी। शिकायत मिलते ही मंत्री बिना देर किए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। वहां परिजनों ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई और बताया कि कैसे रात भर गुहार लगाने के बावजूद कोई इलाज मुहैया नहीं कराया गया।

​अधिकारियों को सख्त अल्टीमेटम

​परिजनों की व्यथा सुनकर मंत्री संजय पासवान का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर ही ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों और अधिकारियों को जमकर फटकारा। उन्होंने कहा, सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर करोड़ों खर्च कर रही है, और यहां गरीब मरीज बिना इलाज के तड़प रहे हैं। मंत्री ने अस्पताल अधीक्षक को निर्देश दिया कि रेणु देवी को तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह आखिरी चेतावनी है, अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो ऊपर तक रिपोर्ट भेजकर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।