भागलपुर। जिले में मामूली सी बात पर शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ गया कि दो पक्षों के बीच जमकर खून-खराबा हुआ। मामला गोराडीह थाना क्षेत्र के दोस्तानी गांव का है, जहां बच्चों के बीच ऑटो पर बैठने को लेकर हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस संघर्ष में दोनों पक्षों के कुल 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
विवाद की शुरुआत
जानकारी के अनुसार, दोस्तानी गांव निवासी महेश दास के घर कुछ मेहमान ऑटो से आए थे। इसी बीच पड़ोस में रहने वाले शिवदास के बच्चे उस ऑटो पर बैठने लगे। महेश दास के बच्चों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों के बच्चों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बच्चों की लड़ाई बड़ों के बीच पहुंच गई। आरोप है कि शिवदास की पत्नी फूलन देवी ने मौके पर पहुंचकर महेश दास की बेटी की पिटाई कर दी, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
हथियार का इस्तेमाल और गंभीर चोटें
मारपीट के दौरान हिंसा इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने कथित तौर पर हथियारों का इस्तेमाल किया। घायल महेश दास ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान फूलन देवी ने उनके बेटे को उठाकर पटक दिया और जब उन्होंने विरोध किया, तो हमलावरों ने पिस्तौल के बट से प्रहार कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। इस हमले में महेश दास, सुमित्रा देवी और प्रियंका कुमारी सहित पांच लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुराना विवाद और केस वापसी का दबाव
पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह हमला अचानक नहीं था, बल्कि इसके पीछे साल 2017 से चला आ रहा पुराना विवाद है। उस वक्त भी बच्चों के झगड़े को लेकर कोर्ट में केस दर्ज हुआ था, जो फिलहाल विचाराधीन है। महेश दास का आरोप है कि आरोपी पक्ष लगातार उस पुराने केस को वापस लेने का दबाव बना रहा था और इसी रंजिश को साधने के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया है। फिलहाल, पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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