भिंडी भारतीय रसोई की पसंदीदा सब्ज़ियों में से एक है. लेकिन अक्सर इसे काटते ही चिपचिपा पानी निकल आता है, उसे म्यूसिलेज (mucilage) कहते हैं. यह एक प्राकृतिक घुलनशील फाइबर है, जो पकाने पर गाढ़ापन देता है. सही तरीके अपनाकर आप भिंडी को बिना चिपचिपाहट के बना सकते हैं. आइए जानते हैं भिंडी काटते समय चिपचिपाहट से बचने की आसान ट्रिक्स.

भिंडी को पूरी तरह सुखाएँ

भिंडी धोने के बाद उसे कपड़े या टिश्यू से अच्छी तरह पोंछ लें. हल्की-सी भी नमी चिपचिपाहट बढ़ा देती है.

धोकर तुरंत न काटें

भिंडी को धोने के बाद कम से कम 30–60 मिनट हवा में सूखने दें. गीली भिंडी काटेंगे तो स्लाइम ज़्यादा निकलेगा.

सूखी और तेज चाकू का इस्तेमाल करें

गीला या कुंद चाकू भिंडी को दबाता है, जिससे ज़्यादा चिपचिपा पदार्थ निकलता है.

काटते समय नींबू या सिरका लगाएँ

थोड़ा-सा नींबू का रस या सिरका डालने से अम्लीयता बढ़ती है, जो चिपचिपाहट कम करती है.

तेज आंच पर पकाएँ

धीमी आंच पर भिंडी ज़्यादा चिपचिपी होती है. पहले तेज आंच पर हल्का भून लें, फिर मसाले डालें.

ज्यादा न चलाएँ

बार-बार चलाने से भिंडी टूटती है और चिपचिपाहट बढ़ती है.

टमाटर या अमचूर अंत में डालें

खटास वाली चीजें (जैसे टमाटर, अमचूर) चिपचिपाहट कम करती हैं. इन्हें सही समय पर मिलाएँ.