मोतिहारी। राजस्थान के भिवाड़ी (खुशखेड़ा-कारौली) में सोमवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने कई परिवारों को उम्र भर का दर्द दे दिया है। इस हादसे में 7 मजदूरों की जिंदा जलने से मौत हो गई, जिनमें से 6 मजदूर बिहार के मोतिहारी और चंपारण के रहने वाले थे।
इंतजार में बैठा पिता और खौफनाक हकीकत
बिहार के मोतिहारी निवासी सिकंदर का 17 वर्षीय बेटा मिंटू भी इसी फैक्ट्री में काम करता था। धमाके की खबर सुनते ही सिकंदर बदहवास होकर फैक्ट्री पहुंचे, लेकिन वहां केवल आग और धुआं था। देर शाम तक वे भिवाड़ी थाने के बाहर इसी उम्मीद में बैठे रहे कि उनका बेटा सुरक्षित होगा, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में मिंटू की मौत की पुष्टि हो चुकी थी।
डेढ़ महीने पहले आए थे सुनहरे भविष्य के सपने लेकर
मृतक मजदूर महज डेढ़ महीने पहले ही बेहतर मजदूरी की तलाश में बिहार से भिवाड़ी आए थे। हादसे से एक दिन पहले ही घरों में शिवरात्रि का जश्न मनाया गया था, महिलाओं ने हाथों में मेहंदी रचाई थी। 16 फरवरी की सुबह जब पुरुष काम पर निकले, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी।
अवैध कारोबार और सुरक्षा में बड़ी चूक
यह फैक्ट्री रीको (RICO) औद्योगिक क्षेत्र में पूरी तरह अवैध रूप से चल रही थी। पुलिस के अनुसार, यहां गुपचुप तरीके से ‘चाइनीज गन कैप्सूल’ बनाए जा रहे थे। चौंकाने वाली बात यह है कि न तो स्थानीय पुलिस और न ही रीको प्रशासन को इस गतिविधि की भनक लगी।
लापरवाही पर एफआईआर दर्ज
मृतक मिंटू के भाई राजकुमार ने फैक्ट्री मालिक राजेंद्र, हेमंत शर्मा, सुपरवाइजर अभिनंदन और ठेकेदार अजीत के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मजदूरों से खतरनाक काम करवाया जा रहा था। पुलिस ने फिलहाल मैनेजर अभिनंदन को हिरासत में ले लिया है।
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