भुवनेश्वर। भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर शनिवार को भी घने कोहरे के कारण उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित रहा। शहर के कई हिस्सों में दृश्यता शून्य तक गिर गई, जिससे सुबह के समय एक भी उड़ान रवाना नहीं हो सकी। अधिकारियों के अनुसार, कई आने वाली उड़ानों में देरी हुई या उन्हें अन्य शहरों की ओर मोड़ दिया गया।

भुवनेश्वर हवाई अड्डे के निदेशक के अनुसार, खराब दृश्यता के चलते ओडिशा की राजधानी आने वाली तीन उड़ानों को अन्य शहरों में डायवर्ट करना पड़ा। प्रभावित उड़ानों को रांची, कोलकाता और चेन्नई भेजा गया। पिछले तीन दिनों से लगातार घने कोहरे के कारण हवाई अड्डे का संचालन प्रभावित हो रहा है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह भुवनेश्वर में शून्य दृश्यता दर्ज की गई, खासकर हवाई अड्डा क्षेत्र, एजी स्क्वायर, राजमहल और राजभवन के आसपास।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शीतकालीन मौसम में पहली बार पूरी तरह दृश्यता समाप्त होने की स्थिति देखी गई। हालांकि सप्ताह की शुरुआत में कटक–भुवनेश्वर क्षेत्र में भी कोहरे की स्थिति बनी थी, लेकिन तब दृश्यता शून्य तक नहीं गिरी थी।

घना कोहरा सुबह करीब 5:30 बजे से 8:30 बजे तक बना रहा, जिससे उड़ानों में व्यापक देरी और डायवर्जन हुए। कई उड़ानों में दो घंटे तक की देरी हुई, जबकि सुरक्षा कारणों से कुछ सेवाएं रद्द भी करनी पड़ीं। हवाई अड्डे पर यात्रियों ने लंबे समय से जारी व्यवधान के कारण असुविधा जताई।

जानकारी के अनुसार, जिन 11 जिलों में येलो वार्निंग जारी की गई थी, वहां घने कोहरे ने दैनिक जीवन और परिवहन को प्रभावित किया। तटीय, दक्षिणी और ओडिशा के अन्य हिस्सों में 6 जनवरी तक कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना है।इस बीच, आने वाले दिनों में रात के न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की भी संभावना है, जिससे राज्यभर में जारी शीतलहर की स्थिति और तेज हो सकती है।