अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में बोले भूपेश बघेल- पेस्टिसाइड सबसे बड़ी समस्या, ‘नरवा-गरवा, घुरवा-बारी’ योजना में जैविक खेती से बदलेगी तस्वीर

रायपुर। पेस्टिसाइड के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार अब जैविक खेती की ओर अपना कदम बढ़ा दी है. सीएम भूपेश के ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा, गरुवा और घुरुवा, बारी योजना के तहत कृषि को घातक पेस्टिसाइड से मुक्त करने जा रही है. सीएम भूपेश बघेल अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए योजनाओं की जानकारी दे रहे थे.

उन्होंने कहा कि रायपुर गुणवत्ता के उत्पाद और वनोत्पाद की राजधानी है, वनों में ऐसे उत्पाद है जिसका संग्रहण जंगल मे रहने वाले करते हैं. प्राचीन पद्धत्ति से कई उत्पाद पैदा किये जा रहे थे, जिससे लोगों का मोहमंग हो रहा था. किसानो को मूल्य नहीं मिल रहा था. उपभोक्ता को महंगी कीमत पर मिल रहा था. मिडल मैन को हटाने का प्रयास छत्तीसगढ़ ने किया है.

सीएम ने कहा कि किसानों से मांग के अनुसार उत्पादन बढ़ाने की मांग करेंगे. बहुत सारे एमओयू हुए हैं. हमारे यहां कोसा का उप्लत्पादन होता है, जो पूरी दुनिया मे मशहूर है. छत्तीसगढ़ में बहुत उत्पादन हो रहा है. इसका लाभ पूरी दुनिया उठाए , ये चाहते हैं. छत्तीसगढ़ सरकार किसानों से धान 2500 रुपये में खरीद रही है. हम अपने किसान को ज़्यादा से ज़्यादा लाभान्वित करना चाहते हैं.

गौरतलब है कि पूरी दुनिया में पेस्टिसाइड के इस्तेमाल को लेकर जागरुकता आ रही है लेकिन देश में अभी भी खतरनाक पेस्टिसाइड का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है. जिसकी वजह से किसान भी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं.

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