BIG BREAKING : मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, मंत्री से मिलने के बाद की घोषणा

राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों ने पिछले 7 दिनों से चल रही हड़ताल को खत्म कर दिया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से मुलाकात के बाद जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की।

जूनियर डॉक्टरों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी मांगे मान ली है। हालांकि जूडा के द्वारा कहा गया है कि सरकार द्वारा उनकी मांगों को मानने के आदेश पारित होने के बाद ही वे काम पर लौटेंगे।

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उधर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर दी है। हमने उन्हें कहा था कि पहले वो हड़ताल वापस लें फिर उनसे बात होगी। उन्होंने हड़ताल समाप्त कर दी है। ग्वालियर में जूनियर डॉक्टर काम पर वापस लौट गए हैं। उनसे हमारी बातचीत चल रही है। हम ने उनके स्टायफंड 17 प्रतिशत बढ़ा दिया है।

आपको बता दें ग्वालियर में आज जूडा अध्यक्ष ने डीन से मुलाकात कर हड़ताल वापस लेने का पत्र सौंपा था। ग्वालियर में हड़ताल खत्म होने के बाद आनन-फानन में जूडा प्रतिनिधिमंडल चिकित्सा शिक्षा मंत्री से मुलाकात की और हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।

अपनी 6 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर्स 31 मई से हड़ताल पर थे। जूडा की हड़ताल पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई थी और 4 जून को उन्हें अल्टीमेटम देकर 24 घंटे के भीतर काम पर वापस लौटने का आदेश दिया था। काम पर नहीं लौटने पर हाईकोर्ट ने सरकार को जूनियर डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश के 3500 जूनियर डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया था। जीएमसी भोपाल के 28 जूनियर डॉक्टरों का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया था और उन्हें हॉस्टल खाली करने के साथ ही बॉण्ड की राशि जो कि 10 से 30 लाख रुपये है भरने के निर्देश दिये गए थे।

वहीं जूनियर डॉक्टरों द्वारा आदेश नहीं मानने पर हाईकोर्ट में अवमानना की याचिका दाखिल की है। इस पर हाईकोर्ट में आज सुनवाई होनी है।

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ये थी मांगें

  • सरकार की ओर से 6% सालाना मानदेय बढ़ाने का वायदा पूरा किया जाए
  • जूनियर डॉक्टरों के इलाज की बेहतर व्यवस्था की जाए
  • कोरोना के दौरान प्रति महीने 10 हज़ार रुपये मानदेय देने का वायदा पूरा किया जाए
  • जूनियर डॉक्टर्स को ग्रामीण सेवा के बंधन से मुक्त किया जाए
  • कोरोना काल में सेवा के लिए प्रशस्ती पत्र दिया जाए जिसका फायदा सरकारी भर्तियों में मिले
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