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दिनेश शर्मा, सागर। नगरीय निकाय चुनाव में सरकार की एक बड़ी चूक सामने आई है। दरअसल, सरकार चुनाव के नियमों में बदलाव करना भूल गई, जिसमें मौजूदा चुनाव में 21 साल का व्यक्ति पार्षद तो बन सकता है, लेकिन नगर पालिका-नगर परिषद के अध्यक्ष के लिए दावेदारी नहींकर सकता, क्योंकि अध्यक्ष पद के लिए 25 साल की आयु निर्धारित की गई है।

अध्यक्ष का चुनाव इस बार पार्षदों के माध्यम से होना है। ऐसी स्थिति में कई युवा पार्षद चुनकर तो आ जाएंगे, लेकिन उसकी आयु 25 वर्ष नहीं है, तो वो अध्यक्ष पद की दावेदारी नहीं कर सकेगे। इसे लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि “सरकार जल्द ही अध्यादेश ला कर इस गलती को सुधारेगी और अब 21 वर्ष की आयु का व्यक्ति भी नगर परिषद और नगर पालिका का अध्यक्ष बन सकेगा।

नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि “पहले नगर परिषद और नगर पालिका के अध्यक्ष का चुनाव भी सीधे जनता के द्वारा होता था, तब अध्यक्ष पद की आयु 25 वर्ष और पार्षद पद की आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई थी। इस बार नगर पालिका, नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के माध्यम से होना है, ऐसी स्थिति में कोई भी पार्षद अध्यक्ष पद की दावेदारी कर सकता है और उसका अधिकार भी बनता है, इसलिए अब नियमों में बदलाव के लिए सरकार अध्यादेश लाएगी और अध्यक्ष पद की आयु 21 वर्ष निर्धारित की जाएगी।

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