सुरेश परतागिरी, बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बड़ा हादसा हो गया है। भैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम उसपरी के पास इंद्रावती नदी पार करते समय एक नाव पलट गई, जिससे नाव में सवार 6 ग्रामीणों में से 4 लोग नदी के तेज बहाव में बह गए। हादसे में 2 लोगों को ग्रामीणों ने किसी तरह बचा लिया, जबकि 4 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 2 बच्चे और 2 महिलाएं शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, भैरमगढ़ ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसे ग्रामीण आज भी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाजार आने-जाने इंद्रावती नदी पार करने के लिए नाव पर निर्भर हैं। बुधवार को सभी ग्रामीण बाजार से खरीदारी कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान नदी के बीच पहुंचते ही नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।ग्रामीणों की तत्परता से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन चार लोग नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना शाम के समय की होने के कारण तत्काल रेस्क्यू में दिक्कतें आईं।


प्रशासन ने शुरू किया रेस्क्यू
भैरमगढ़ एसडीएम प्रकाश सर्वे ने लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत में बताया कि ग्रामीणों के माध्यम से नाव पलटने और लोगों के लापता होने की सूचना मिली। इसके तुरंत बाद रेस्क्यू टीम को मौके पर रवाना किया गया। आसपास के ग्रामीणों की भी मदद ली जा रही है। अंधेरा होने के कारण देर रात तक सीमित सफलता मिली है, जबकि गुरुवार सुबह से दोबारा सर्च ऑपरेशन तेज किया जाएगा।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
इंद्रावती नदी में नाव पलटने की घटनाएं कोई नई नहीं है। इससे पहले अगस्त 2025 में बेलनार से भैरमगढ़ जाते समय नाव पलटने से एक साल के मासूम और 4 महिलाओं सहित लोग बह गए थे। 2022 में नाव पलटने से मेडिकल टीम के एक फार्मासिस्ट की डूबने से मौत हुई थी। 2018 में नाव पलटने से 10 लोग बह गए थे, जिनमें एक महिला और एक बच्चा लापता हुए थे।
लगातार घटनाओं के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं
स्थानीय लोगों के अनुसार, नावों में क्षमता से अधिक सवारी, नदी का तेज बहाव और वैकल्पिक परिवहन साधनों की कमी, हादसों के मुख्य कारण हैं। कई गांवों के लिए नाव ही नदी पार करने का एकमात्र साधन है, जिससे जोखिम लगातार बना रहता है। लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इंद्रावती नदी में हो रहे घटनाएं प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए एक गंभीर चुनौती बनते जा रही है।
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