हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के पूर्वी क्षेत्र में प्रस्तावित रिंग रोड को लेकर 44 गांव के 400 से ज्यादा किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अर्धनग्न प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि इस परियोजना से 2200 किसानों की करीब 800 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन प्रभावित होगी। किसानों ने मांग रखी कि रिंग रोड को पूर्वी क्षेत्र की बजाय पश्चिम क्षेत्र से निकाला जाए। यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से शिप्रा के पास से लेकर पीथमपुर तक प्रस्तावित पूर्वी रिंग रोड को दो साल पहले मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन अब यह परियोजना किसानों के विरोध का बड़ा कारण बन गई है।44 गांवों के किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अर्धनग्न होकर विरोध दर्ज कराया। किसानों का कहना है कि इस क्षेत्र में अधिकांश लोग जैविक खेती करते हैं और कई किसानों को इसके लिए सम्मान और प्रमाण पत्र भी मिल चुके हैं। कुछ किसान अपने मेडल और प्रमाण पत्र लौटाने तक पहुंच गए।

READ MORE: उधार के पैसे मांगने गई थी, बनी रेप का शिकार: 14 साल की नाबालिग से गार्डन में दरिंदगी, धमकी देकर आरोपी फरार 

स्थिति को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा स्वयं कार्यालय से बाहर आए। उन्होंने बगीचे में जमीन पर बैठकर किसानों की पूरी बात सुनी। कलेक्टर के इस कदम ने मौके पर मौजूद किसानों का दिल जीत लिया। किसानों ने कहा कि प्रशासन ने पहली बार इस तरह संवेदनशीलता दिखाई है।किसानों का तर्क है कि पूर्वी क्षेत्र में पहले से कई मार्ग उपलब्ध हैं, जबकि पश्चिम क्षेत्र में भोपाल, अलीराजपुर, धार, झाबुआ और गुजरात की ओर जाने वाले लोगों के लिए कोई व्यवस्थित वैकल्पिक मार्ग नहीं है। इसलिए रिंग रोड पश्चिम क्षेत्र से निकाली जाए। साथ ही उपजाऊ जमीन को बचाते हुए जहां अवैध कब्जे हैं, वहां से मार्ग निकाला जाए।कलेक्टर ने किसानों की मांगों को शासन तक पहुंचाने और समाधान के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल 2200 किसानों और 800 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन से जुड़ा यह मामला शहर में बड़ा मुद्दा बन गया है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m