कुंदन कुमार/ पटना। बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने राज्य के किसानों को उर्वरक आपूर्ति को लेकर बड़ी राहत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक उथल-पुथल, विशेषकर पश्चिमी एशिया के युद्ध का असर बिहार या देश की कृषि व्यवस्था पर नहीं पड़ेगा। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश और निगरानी
चूंकि बिहार की लगभग 76 प्रतिशत आबादी कृषि पर आधारित है, इसलिए सरकार ने जिला से लेकर पंचायत स्तर तक के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा है। विभागीय समीक्षा बैठक में सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने चेतावनी दी है कि केवल रिटेलर ही नहीं, बल्कि स्टॉकिस्ट और संबंधित अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी; लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई होना तय है।
तस्करी पर रोक और लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी
खाद की अवैध आवाजाही रोकने के लिए, विशेषकर नेपाल से सटे सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी के आदेश दिए गए हैं। किसानों को उनके निकटतम क्षेत्र में खाद मिल सके, इसके लिए PACS (पैक्स) को खाद लाइसेंस देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। इससे खाद वितरण की विकेंद्रीकृत व्यवस्था और मजबूत होगी।
बंपर स्टॉक और अफवाहों से बचने की अपील
कृषि मंत्री ने आंकड़ों के साथ भरोसा दिलाया कि राज्य में यूरिया, डीएपी (DAP), एनपीके (NPK), एमओपी (MOP) और एसएसपी (SSP) जैसे सभी जरूरी उर्वरकों का स्टॉक मांग से अधिक उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और न ही घबराहट में खरीदारी करें।
जैविक खेती की ओर कदम
उर्वरकों के साथ-साथ सरकार टिकाऊ खेती पर भी जोर दे रही है। धरती मां को बचाओ अभियान के माध्यम से किसानों को जैविक खेती और जैविक खाद के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे।
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