कुंदन कुमार/पटना। राज्य की कृषि व्यवस्था और किसानों को मिलने वाले बैंक ऋण को लेकर कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बैंकर्स पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित त्रैमासिक राज्यस्तरीय बैंकर्स बैठक के दौरान मंत्री का तेवर काफी सख्त नजर आया।
केसीसी की धीमी रफ्तार पर जताई नाराजगी
कृषि मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की प्रगति को लेकर बैंकर्स को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि केसीसी के मामलों में अनावश्यक देरी की जा रही है, जिससे किसानों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है बल्कि राज्य के किसानों के साथ अन्याय भी है।
बिहार के साथ भेदभाव का आरोप
रामकृपाल यादव ने साफ शब्दों में कहा कि बैंकर्स अन्य राज्यों की तुलना में बिहार के साथ भेदभाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कृषि देश की 76 प्रतिशत आबादी की आजीविका का साधन है और देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 20 प्रतिशत योगदान कृषि का है, वहीं किसानों को ऋण देने में बैंक कर्मी टालमटोल कर रहे हैं।
किसानों को समय पर ऋण देने का निर्देश
मंत्री ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों से जुड़े ऋण मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा किसानों को सशक्त बनाने की है, लेकिन बैंकर्स का असहयोग इस दिशा में बड़ी बाधा बन रहा है।
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