कुंदन कुमार/ पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन विपक्ष ने आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए नीतीश सरकार को कटघरे में खड़ा किया। प्रदेश में बढ़ते अपराध और महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर सदन में भारी हंगामा हुआ। बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर नारेबाजी शुरू कर दी। राजद (RJD) विधायक रणविजय साहू ने बताया कि विपक्ष ने राज्य में बढ़ते दुष्कर्म और अपराध की घटनाओं पर कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गंभीर विषयों पर चर्चा से भाग रही है और सदन में जवाब देने से कतरा रही है।
प्रशासन की भूमिका पर खड़े किए सवाल
रणविजय साहू ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बिहार में प्रशासन पूरी तरह पंगु हो चुका है। बेलगाम अपराधियों में कानून का भय खत्म हो गया है, जिसके कारण आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार सदन में स्पष्ट करे कि पुलिस और प्रशासन इन घटनाओं को रोकने में विफल क्यों साबित हो रहे हैं और अब तक क्या ठोस कार्रवाई की गई है।
महिला सशक्तिकरण को बताया जुमलेबाजी
विपक्षी सदस्यों ने सरकार के महिला सशक्तिकरण के दावों को महज कागजी और जुमलेबाजी करार दिया। रणविजय साहू ने कहा कि धरातल पर बेटियां और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन बच्चियों के साथ हो रही दरिंदगी ने सरकार के सुशासन के दावों की पोल खोल दी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि जब तक सरकार इन मुद्दों पर बिंदुवार जवाब नहीं देती, विपक्ष का विरोध जारी रहेगा।
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