पटना। ​बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन भारी हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राजद MLC सुनील सिंह ने भ्रष्टाचार और शराबबंदी को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए।

​जदयू और भाजपा पर चंदे के गंभीर आरोप

​सुनील सिंह ने सदन में दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि जदयू को किंग महेंद्र से हर महीने 99 लाख रुपए मिलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कम टर्नओवर वाली कंपनियों ने भी जदयू को 24 करोड़ रुपए का फंड दिया है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर शराब माफियाओं से सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा लालू परिवार को बदनाम करना है। शराब की होम डिलीवरी पर उन्होंने चुनौती दी कि वे 90 मिनट में डिलीवरी करा सकते हैं, लेकिन कर्मचारियों की नौकरी के डर से ऐसा नहीं कर रहे।

​CAG रिपोर्ट: बाइक से ढोया करोड़ों का सामान

​सदन में पेश CAG रिपोर्ट ने सरकारी तंत्र की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के अनुसार, पटना के एक ट्रांसपोर्टर ने बाइक और कबाड़ हो चुके 9 वाहनों के जरिए 2.32 करोड़ रुपए के माल की ढुलाई दिखा दी, जिसके आधार पर 19.32 लाख रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) फर्जी तरीके से ट्रांसफर किया गया।

​राजस्व घाटा और वित्तीय अनियमितताएं

​बकाया राजस्व: 31 मार्च 2023 तक सरकार का 4,844 करोड़ रुपए का राजस्व बकाया है।
​ITC घोटाला: वाणिज्य कर विभाग की लापरवाही से 22 करदाताओं ने निर्धारित सीमा से कहीं अधिक 1,167.89 करोड़ रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट ले लिया।
​अन्य खामियां: एटीएस और परिवहन विभाग सहित फसलों की सब्सिडी में भी भारी अनियमितताएं पाई गई हैं।
​सत्ता पक्ष की ओर से मंत्री लखेन्द्र पासवान ने पलटवार करते हुए कहा कि बिहार में कानून का राज है और सुनील सिंह को शराबबंदी का समर्थन करना चाहिए।