Bihar Assembly adjourned: बिहार बजट सत्र का आज शुक्रवार (27 फरवरी) को आखिरी दिन था। सत्र का आखिरी दिन काफी हंगामेदार रहा। इसी के साथ आज बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सदन की कार्यवाही में मिले सभी के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने बताया कि, इस बार बजट सत्र में कुल 19 बैठकें हुई। इस दौरान कुल 3783 प्रश्न स्वीकृत हुए। इसके साथ ही कई विधेयक पारित हुए।

सत्र के आखिरी दिन सदन में विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की। राजद तथा वामपंथी सदस्यों ने पोस्टरों के साथ प्रदर्शन करते हुए 94 लाख गरीब परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की। गौरतलब है कि जातीय गणना में चिह्नित इन परिवारों के लिए सरकार ने पहले ही 2-2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की थी, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि अभी तक इसका लाभ नहीं पहुंचा है।

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार पर ठगी का आरोप लगाते हुए कहा कि, नीतीश सरकार सिर्फ वादे करती है, लेकिन उन्हें पूरा नहीं करती। उन्होंने आरोप लगाया कि 94 लाख गरीब परिवारों को घोषित राशि क्यों नहीं दी जा रही है। सरकार जनता को धोखा दे रही है और उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है।

बजट सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए और विभिन्न विभागों के बजट पर विस्तृत चर्चा हुई। सरकार ने अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को सदन में पेश किया, जबकि विपक्ष ने जनहित के मुद्दों को लगातार उठाकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की।

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