कुंदन कुमार/ पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र का 14वां दिन काफी हंगामेदार रहा। सदन में ‘ब्राह्मणवाद’ शब्द को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली, वहीं कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राबड़ी देवी ने सरकार को घेरा।
ब्राह्मणवाद पर सदन में संग्राम
माले विधायक संदीप सौरभ ने उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिवाद खत्म करने के लिए UGC एक्ट का समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि “ब्राह्मणवादी मानसिकता” के लोग इस नियम के आड़े आ रहे हैं। इस बयान पर भाजपा विधायकों ने कड़ा ऐतराज जताया। बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी ने पलटवार करते हुए कहा कि ब्राह्मणों के बिना न शादी संपन्न होती है और न श्राद्ध। उन्होंने मदन मोहन मालवीय का उदाहरण देते हुए कहा कि एक ब्राह्मण ने ही भिक्षा मांगकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय बनाया था। हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने ‘ब्राह्मण’ शब्द को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।
कानून-व्यवस्था पर राबड़ी देवी के तीखे प्रहार
विधान परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि फरवरी माह में ही 35 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं। राबड़ी देवी ने सरकार से जवाब मांगा कि इन मामलों में दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

15 दिन बाद लौटे तेजस्वी, राजद का प्रदर्शन
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव करीब 15 दिनों के अंतराल के बाद सदन पहुंचे, लेकिन वे मात्र 20 मिनट ही रुके। वहीं, राजद विधायकों ने विधानसभा पोर्टिको में ‘हत्या में नंबर वन बिहार’ के बैनर लेकर प्रदर्शन किया। विधायकों ने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर नीतीश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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