पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में एक बार फिर राजनीतिक गरमाहट देखने को मिली। राजद विधायक भाई वीरेंद्र और भाजपा विधायक विजय सिन्हा के बीच तीखी बहस हो गई, जिससे कुछ समय के लिए सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

तेजस्वी के बयान से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कड़े शब्दों में हमला बोला। इसके जवाब में विजय सिन्हा खड़े हुए और उन्होंने तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। सिन्हा ने कहा कि वे तेजस्वी के दुख को समझते हैं, लेकिन गलत करने का ठेका विपक्ष के पास रहा है। उन्होंने जंगलराज और परिवारवाद का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष पर लोकतंत्र को परिवारतंत्र बनाने का आरोप लगाया।

व्यक्तिगत टिप्पणियों से बढ़ा तनाव

विजय सिन्हा ने अपने संबोधन में व्यक्तिगत टिप्पणी भी की, जिस पर विपक्षी सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया। इसी दौरान राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए सिन्हा के बयान को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री को लेकर कथित आपत्तिजनक शब्दों के उल्लेख पर भी आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और सदन में शोर-शराबा बढ़ गया।

स्पीकर ने संभाली स्थिति

स्थिति बिगड़ती देख स्पीकर ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों पक्षों को संयम बरतने और सदन की गरिमा बनाए रखने की हिदायत दी। स्पीकर ने स्पष्ट कहा कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत आरोप और अपमानजनक टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जाएंगी।

स्पीकर ने संभाली स्थिति

स्थिति बिगड़ती देख स्पीकर ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों पक्षों को संयम बरतने और सदन की गरिमा बनाए रखने की हिदायत दी। स्पीकर ने स्पष्ट कहा कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत आरोप और अपमानजनक टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जाएंगी।
कुछ देर के हंगामे के बाद कार्यवाही फिर से सामान्य रूप से शुरू हो सकी।