जहानाबाद। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की इंटरमीडिएट परीक्षा 2 फरवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगी। राज्यभर के 1,762 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में हो रही परीक्षा में कुल 13,17,846 परीक्षार्थी शामिल हैं, जिनमें 6,75,844 छात्राएं और 6,42,002 छात्र हैं। पहली पाली में बायोलॉजी का पेपर हुआ, जिसे छात्रों ने आसान बताया, जबकि दूसरी पाली में इकोनॉमिक्स की परीक्षा आयोजित की गई।

सुबह 9 बजे गेट बंद होने के बाद कई छात्र एंट्री से वंचित रह गए। नालंदा में कुछ छात्र गेट फांदकर अंदर जाते दिखे, जबकि बेगूसराय में देर से पहुंची छात्राएं रोती नजर आईं। पटना में एक छात्रा गलत शिफ्ट में पहुंच गई। लेट एंट्री को लेकर सख्ती बरती गई और जबरन प्रवेश पर एफआईआर की चेतावनी दी गई।

जहानाबाद में एक कैदी हथकड़ी लगाकर परीक्षा देने पहुंचा। पटना के शास्त्रीनगर केंद्र पर मुस्लिम छात्राओं के हिजाब हटवाए गए। गोपालगंज, पटना समेत कई जिलों में जूते-बेल्ट उतरवाए गए, जिससे ठंड में छात्रों को नंगे पांव परीक्षा देनी पड़ी। छात्राओं के लिए बनाए गए मॉडल सेंटर को फूल-बैलून से सजाया गया और टीका लगाकर स्वागत किया गया।

बोर्ड के अनुसार, 100 अंकों के पेपर में 50% वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। उत्तर पुस्तिका और OMR शीट पर बारकोड रहेगा। प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया गया, जिसमें उत्तर लिखना वर्जित रहा।