मुजफ्फरपुर/सरैया। सोमवार को बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम जारी हुआ। जहां कई घरों में कामयाबी का जश्न मनाया जा रहा था, वहीं मुजफ्फरपुर के सरैया से एक ऐसी खबर आई जिसने सबको झकझोर कर रख दिया। कम अंक आने के सदमे और प्रतिस्पर्धा के दबाव में एक 18 वर्षीय छात्रा ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
प्रतिस्पर्धा और परिणाम का घातक मेल
घटना सरैया थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव की है। मृतका की पहचान अल्पना रानी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, अल्पना पढ़ाई में काफी मेधावी थी और उसे खुद से बहुत उम्मीदें थीं। उसने अपने चचेरे भाई को भी चुनौती दी थी कि वह प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होगी। लेकिन जब परिणाम घोषित हुआ और अल्पना ने खुद को द्वितीय श्रेणी में पाया, तो वह इस मानसिक दबाव को झेल नहीं सकी।
कमरे में फंदे से झूल गई छात्रा
रिजल्ट देखते ही अल्पना गहरे अवसाद में चली गई। घर के अन्य सदस्य जब तक कुछ समझ पाते, उसने कमरे के अंदर पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। चीख-पुकार मचने पर परिजन उसे तुरंत राजकीय अस्पताल सरैया ले गए, लेकिन वहां के चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, पूरा गांव इस घटना से स्तब्ध है।
पुलिस जांच और एफएसएल की कार्रवाई
मामले की सूचना मिलते ही सरैया के प्रशिक्षु आईपीएस और थाना प्रभारी प्रसन्ना एम.वी. दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर भेज दिया है। घटनास्थल पर एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम भी पहुंची और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है ताकि घटना की सही परिस्थितियों का पता चल सके।
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि परीक्षा के अंक किसी बच्चे के जीवन से बड़े नहीं हो सकते।
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