पटना। बिहार कांग्रेस में आंतरिक कलह अब दिल्ली दरबार तक पहुंच गई है। हाल ही में अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित किए गए पूर्व विधायक छत्रपति यादव और AICC सदस्य आनंद माधव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
संविधान से ऊपर है प्रदेश इकाई?
नेताओं ने अपने पत्र में तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संविधान के अनुसार, AICC सदस्यों का निष्कासन केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही संभव है। उन्होंने बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (BPCC) पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या राज्य इकाई का अधिकार क्षेत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी ऊपर है? पत्र के अनुसार, बिहार कांग्रेस के वर्तमान कर्ताधर्ता खुद को पार्टी संविधान से ऊपर समझ रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर जांच की मांग
दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि उन पर लगे आरोप गंभीर हैं, तो राष्ट्रीय स्तर पर एक जांच समिति गठित की जाए। उन्होंने कहा, हम उस समिति के सामने अपनी सफाई देने को तैयार हैं। यदि समिति संतुष्ट न हो, तभी निष्कासन की अनुशंसा की जानी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के ‘डरो मत’ नारे का हवाला देते हुए अपनी लड़ाई को न्याय की लड़ाई बताया।
निष्कासन का मुख्य कारण
गौरतलब है कि बुधवार को बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ने इन दोनों को 6 साल के लिए निष्कासित किया था। समिति के अध्यक्ष कपिल देव प्रसाद यादव के अनुसार, ये नेता लगातार पार्टी विरोधी बयानबाजी और भ्रामक टिप्पणियां कर रहे थे, जिससे संगठन की छवि खराब हो रही थी। यह कार्रवाई प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष से विमर्श के बाद की गई थी।
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