सोहराब आलम/ मोतिहारी। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस की आंतरिक कलह अब सड़कों पर आ गई है। पार्टी के भीतर असंतोष का लावा फूट पड़ा है और पूर्व विधायकों ने सीधे तौर पर नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोतिहारी पहुंचे कांग्रेस के दिग्गज बागी नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

​नेतृत्व पर ‘स्लीपर सेल’ होने का आरोप

​पूर्व विधायक छत्रपति यादव, एआईसीसी सदस्य नागेंद्र पासवान विकल और वरिष्ठ नेता गुंजन पटेल ने मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्ण अल्लावारू पर तीखा हमला बोला। छत्रपति यादव ने दो टूक कहा कि राहुल गांधी देश का संविधान बचाने की बात तो करते हैं, लेकिन उन्हें सबसे पहले अपनी पार्टी के संविधान की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर कुछ ‘स्लीपर सेल’ सक्रिय हैं जो कांग्रेस को अंदर से खोखला कर रहे हैं।

​टिकट बंटवारे में धांधली का दावा

​बागियों का सबसे गंभीर आरोप टिकट वितरण को लेकर है। नेताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई और ऐसे लोगों को टिकट थमाए गए जिनका जुड़ाव भाजपा और जदयू से था। उनका मानना है कि पार्टी के भीतर बैठे कुछ प्रभावशाली लोग बाहरी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं, जिससे कांग्रेस की लुटिया डूब रही है।

​17 मार्च को पटना में ‘आर-पार’ की जंग

​पार्टी को बचाने के संकल्प के साथ बागी गुट ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। नेताओं ने घोषणा की है कि आगामी 17 मार्च को पटना में एक बड़ा आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस के ‘भितरघातियों’ को बेनकाब करना और पार्टी को समर्पित कार्यकर्ताओं के हाथों में वापस लाना है।