पटना। बिहार कांग्रेस के भीतर असंतोष की आग अब सड़कों पर उतर आई है। अपनी ही पार्टी की कार्यशैली से नाराज चल रहे कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है। इस गुट ने 17 मार्च को एक भव्य ‘महासम्मेलन’ आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसकी सफलता के लिए आज से जनसंपर्क यात्रा के दूसरे चरण का आगाज हो रहा है।
दूसरे चरण में 18 जिलों का दौरा
बगावती सुर बुलंद कर रहे नेताओं की यह यात्रा आज नालंदा और नवादा से शुरू हो रही है। इस चरण में टीम बिहार के 18 प्रमुख जिलों- शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सहरसा, दरभंगा और समस्तीपुर आदि का दौरा करेगी। पूर्व विधायक छत्रपति यादव ने बताया कि पहले चरण में 7 जिलों (भोजपुर, गया, औरंगाबाद आदि) में उन्हें कार्यकर्ताओं का जबरदस्त समर्थन मिला है, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।
सदाकत आश्रम पर रार: पत्र लेने से इनकार
नाराज कांग्रेसी अपना महासम्मेलन पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम के राजीव सभागार में ही करना चाहते हैं। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखा गया, लेकिन आरोप है कि उनके कार्यालय ने पत्र लेने से मना कर दिया। अंततः पत्र को व्हाट्सएप और स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा गया है। नेताओं का कहना है कि यदि मुख्यालय नहीं मिला, तो वैकल्पिक स्थान पर सम्मेलन हर हाल में होगा।
हम बंधुआ मजदूर नहीं
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आनंद माधव ने प्रदेश नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता से घबराकर जिला पदाधिकारियों को सहयोग न करने के आदेश दिए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के पदाधिकारी पार्टी के प्रति समर्पित हैं, वे किसी के ‘बंधुआ मजदूर’ नहीं हैं। इस समूह का स्पष्ट उद्देश्य बिहार में एक ‘नई कांग्रेस’ की वैचारिक मजबूती को खड़ा करना है।
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