पटना। बिहार कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए 17 मार्च को महासम्मेलन करने का ऐलान किया है। इस सम्मेलन में पूरे बिहार से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा। 7 फरवरी से असंतुष्ट नेताओं की टीम राज्य के सभी 40 राजनीतिक जिलों का दौरा कर बैठकों के जरिए समर्थन जुटाएगी। उनका कहना है कि पार्टी में चल रही गड़बड़ियों को राहुल गांधी के सामने रखा जाएगा।

राहुल गांधी के नाम पर दुकानदारी का आरोप

पूर्व विधायक छत्रपति यादव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग राहुल गांधी के नाम पर अपनी दुकान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में नई कांग्रेस बनाने की जरूरत है, क्योंकि पार्टी में गलत लोगों की एंट्री हो चुकी है। उन्होंने टिकट वितरण पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि पांच विधायकों के टिकट क्यों काटे गए और नए चेहरों को मौका देने के पीछे क्या कारण था।

नेतृत्व पर तीखा हमला

पार्टी सदस्य आनंद माधव और नागेंद्र पासवान विकल ने संगठन और नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि संगठन सृजन कार्यक्रम में निष्क्रिय लोगों को हटाया जाए। साथ ही विधायक दल के नेता का चयन अब तक नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। असंतुष्ट गुट ने प्रभारी और अध्यक्ष की कार्यशैली को पार्टी की दुर्गति का कारण बताया।