कुंदन कुमार/ पटना। ​बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक कमरुल हुदा ने कानून की मंशा की सराहना करते हुए इसके कार्यान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि नीति तो बहुत अच्छी है, लेकिन सरकार इसे पूरी तरह लागू करने में विफल साबित हुई है।

​होम डिलीवरी और प्रशासन की विफलता

​विधायक हुदा के अनुसार, आज बिहार के हालात ऐसे हैं कि घर-घर शराब की डिलीवरी हो रही है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जिस कानून को समाज सुधार के लिए लाया गया था, आज उसी का सरेआम मखौल उड़ाया जा रहा है। प्रशासन की ढिलाई के कारण अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे कानून का डर खत्म हो चुका है।

​सूखा नशा और नई पीढ़ी पर खतरा

​विधायक ने एक और डरावनी तस्वीर पेश करते हुए कहा कि शराब की सख्ती के बीच अब सूखे नशे का चलन बढ़ गया है। छोटे-छोटे बच्चे इसके शिकार हो रहे हैं, जो पूरे बिहार के भविष्य के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस मुद्दे पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवाल बिल्कुल सही हैं और सरकार को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

​खत्म नहीं, बल्कि सख्त हो कानून

​हालांकि, कमरुल हुदा ने स्पष्ट किया कि वे शराबबंदी को खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, कोई कुछ भी कहे, हम नहीं चाहते कि शराबबंदी हटे, लेकिन सरकार को इसे कड़ाई से लागू करना होगा। उन्होंने मांग की कि केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर कार्रवाई दिखे ताकि बिहार को सच में नशामुक्त बनाया जा सके।