कुंदन कुमार/पटना। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सरबत जहां फातिमा ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने देश में बेतहाशा बढ़ती महंगाई को ‘जनता के साथ विश्वासघात’ करार दिया और कहा कि आज आम आदमी की सबसे बड़ी चुनौती दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना हो गया है।

​आम आदमी की कमर तोड़ती नीतियां

​फातिमा ने कहा कि किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग आज महंगाई के बोझ तले दबा हुआ है। सबसे बुरा हाल गृहिणियों का है, जिनके रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि ने परिवहन से लेकर खाद्य सामग्री तक सब कुछ महंगा कर दिया है। दाल, खाद्य तेल और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे करोड़ों परिवारों की आर्थिक स्थिति जर्जर हो गई है।

​सरकार की विफलता और चुप्पी

​महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार महंगाई नियंत्रित करने के बजाय जनता का ध्यान भटकाने में लगी है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल पर वसूले जा रहे भारी टैक्स को ‘आर्थिक शोषण’ बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता असित नाथ तिवारी ने भी सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें:

​प्रदेश महिला कांग्रेस ने सरकार के समक्ष चार सूत्री मांगें रखी हैं:

  1. ​पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम कर कीमतें तत्काल घटाई जाएं।
  2. ​रसोई गैस सिलेंडर के दामों में भारी कटौती हो।
  3. ​आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस नीति बने।
  4. ​गरीब और मध्यम वर्ग के लिए विशेष ‘राहत पैकेज’ की घोषणा की जाए।

​फातिमा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही महंगाई पर लगाम नहीं लगाई, तो महिला कांग्रेस सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।