पटना। बिहार में अपराध के बढ़ते मामलों को लेकर जन सुराज पार्टी ने राज्य सरकार पर कड़ा हमला बोला। पटना स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वरिष्ठ नेता और पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक (हिमाचल) जय प्रकाश सिंह ने कहा कि साल 2015 से 2024 के बीच बिहार में आपराधिक मामलों में 80% से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह केवल 24% है।

ग्रामीण बिहार में अपराध की स्थिति

जेपी सिंह ने बताया कि 2025 में शहरी क्षेत्रों में हत्या और किडनैपिंग में कुछ कमी आई, लेकिन ग्रामीण इलाकों में हालात जस के तस हैं।

100% केस दर्ज नहीं होते

उन्होंने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि थानों में सभी मामले दर्ज नहीं हो पाते। पीड़ितों को कई बार कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है। अगर सभी मामले दर्ज हो जाएं तो अपराध की असली तस्वीर और भयावह होगी।

शराबबंदी और अवैध बालू कारोबार

जेपी सिंह ने कहा कि शराबबंदी और अवैध बालू कारोबार पुलिस की प्राथमिकता बदल देते हैं। इससे गंभीर अपराधों जैसे हत्या, अपहरण और रेप की रोकथाम पीछे रह जाती है।

पेंडिंग मामले और बढ़ता अपराधी मनोबल

पिछले 10 साल में 80 हजार से 1 लाख मामले पेंडिंग हैं। अदालतों के आदेशों के बावजूद कार्यवाही न होने से अपराधियों का मनोबल बढ़ता है और वे खुलेआम अपराध करते हैं।

पुलिस व्यवस्था और जवाबदेही

कुछ पुलिस अधिकारी दबाव और लालच में अपराधियों पर कार्रवाई से बचते हैं, जिससे आम जनता को नुकसान होता है। जन सुराज पार्टी ने सरकार से श्वेत पत्र जारी करने और अपराध पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।