अविनाश श्रीवास्तव/रोहतास। जिला मुख्यालय सासाराम में रविवार को बिहार दिवस का आयोजन बेहद हर्षोल्लास और गरिमा के साथ किया गया। ऐतिहासिक विरासत और विकास के संकल्प को दोहराते हुए, सुबह से लेकर देर शाम तक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा।

​प्रभातफेरी से हुआ कार्यक्रम का आगाज

​दिवस की शुरुआत एक भव्य प्रभातफेरी से हुई, जिसे रेलवे स्टेशन से रवाना किया गया। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए फजलगंज स्टेडियम में संपन्न हुई। प्रभातफेरी में विभिन्न विभागों के आला अधिकारी, कर्मचारी, एनसीसी कैडेट और स्कूली छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रतिभागी बिहार के गौरवशाली इतिहास और उज्ज्वल भविष्य के नारे लगा रहे थे, जो शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

​विजेताओं को मिला सम्मान

​जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जन-जन में बिहार के प्रति गर्व की भावना जगाना है। प्रभातफेरी के बाद मुख्य कार्यक्रम स्थल पर खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इसमें खो-खो, साइकिल रेस, कुर्सी दौड़ और स्पून रेस जैसी स्पर्धाओं में युवाओं ने अपना दमखम दिखाया। प्रतियोगिता के अंत में विजेता खिलाड़ियों को जिला प्रशासन द्वारा पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही, कवि सम्मेलन सह मुशायरा ने बौद्धिक विमर्श और मनोरंजन का तड़का लगाया।

​सांस्कृतिक संध्या और विकास का संकल्प

​बिहार दिवस की संध्या को डेहरी विधायक फतेह बहादुर सिंह (सोनू सिंह) ने दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि 1912 में गठन के बाद से बिहार निरंतर प्रगति की राह पर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और राज्य की उन्नति में योगदान देने की अपील की।
​सांस्कृतिक मंच पर स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने लोक गीतों और नृत्य की ऐसी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस मौके पर एडीएम ललित भूषण रंजन, भूमि सुधार उपसमाहर्ता जफर आलम और डीटीओ विकास कुमार सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।