पटना: बिहार में आज गुरुवार (3 अप्रैल) को हेडमास्टर को जिला अलॉट किया गया है। शिक्षा विभाग ने 32 हजार 688 हेडमास्टर को उनका जिला अलॉट कर दिया है। हालांकि, इनमें से 2,645 अभ्यर्थियों को उनकी पसंद का जिला नहीं मिल सका है।

36,947 अभ्यर्थियों ने की थी अनुशंसा

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के माध्यम से चयनित कुल 35,333 अभ्यर्थियों में से 32,688 को सॉफ्टवेयर के जरिए जिला आवंटित किया गया है, जबकि शेष 2,645 अभ्यर्थियों से दोबारा तीन-तीन जिलों के विकल्प मांगे जाएंगे। BPSC ने प्राथमिक विद्यालयों में हेडमास्टर के पोस्ट पर नियुक्ति के लिए 36,947 अभ्यर्थियों ने अनुशंसा की थी। इसके आधार पर शिक्षा विभाग ने 4 चरणों में काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी की।

जॉइनिंग से पहले मिलेगी 14 दिनों की ट्रेनिंग

शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया है। जिला आवंटन की सूची जारी कर दी गई है, और अब चयनित हेडमास्टर्स से ब्लॉक स्तर के विकल्प मांगे जाएंगे। यह कदम बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, हेडमास्टर्स की जॉइनिंग से पहले 14 दिनों की ट्रेनिंग भी प्रस्तावित है, जिसमें डाइट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) की भूमिका होगी। इसके अलावा, शिक्षा विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि जल्द ही सभी चयनित हेडमास्टर्स को उनके कार्यक्षेत्र में तैनात कर दिया जाएगा।

शेष अभ्यर्थियों के जिला आवंटन की प्रक्रिया जारी

इस बहाली से बिहार के हाईस्कूलों में लंबे समय से रिक्त पड़े प्रधानाध्यापक के पदों को भरने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार का दावा है कि इससे न केवल स्कूलों का प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिल सकेगी। हालांकि, 2,645 शेष अभ्यर्थियों के जिला आवंटन को लेकर अभी प्रक्रिया जारी है। शिक्षा विभाग जल्द ही इस संबंध में निर्देश जारी करेगा।

ये भी पढ़ें- Bihar News: बिहार में शिक्षकों के हाल बेहाल, तीन महीने से नहीं मिल सकी सैलरी…