पटना। गुजरात के सूरत (वेसु) में बिहार मूल के एक परिवार ने आर्थिक तंगी और प्रताड़ना से तंग आकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना में बालमुकुंद खेतान, उनकी पत्नी प्रियंका और एक बेटी की मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है।

​सुसाइड नोट में ‘वैभव’ पर गंभीर आरोप

​पुलिस को मौके से तीन पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें वैभव रुंगटा नामक कपड़ा ब्रोकर को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया है। नोट के अनुसार, वैभव ने बालमुकुंद का क्रेडिट कार्ड और कार अपने कब्जे में ले ली थी। वह कार्ड से बेतहाशा शॉपिंग करता था और पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी देता था। पुलिस हैंडराइटिंग मिलान में पुष्टि हुई है कि यह नोट प्रियंका ने ही लिखा था।

​शेयर बाजार का घाटा और कर्ज का जाल

​मूल रूप से बिहार के निवासी बालमुकुंद पिछले दो साल से घर से ही शेयर ट्रेडिंग कर रहे थे। चर्चा है कि बाजार में हुए भारी नुकसान और बढ़ते कर्ज के कारण वे भारी मानसिक तनाव में थे। आशंका है कि इसी दबाव में उन्होंने पूरे परिवार को जहरीला पाउडर (एल्युमिनियम फॉस्फाइड) दे दिया।

​अंतिम इच्छा: कैंडी का ख्याल रखना

​सुसाइड नोट में दंपति की संवेदनशीलता भी दिखी। उन्होंने अपने पालतू कुत्ते ‘कैंडी’ को किसी सुरक्षित शेल्टर होम भेजने की गुहार लगाई है। साथ ही प्रियंका ने अपनी सास के लिए मोबाइल और नए कपड़े पहुंचाने की अंतिम इच्छा जताई है।

​पुलिस कार्रवाई

​मृतक के ससुर की शिकायत पर पुलिस ने वैभव रुंगटा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि वैभव पिछले 6 महीनों से परिवार के बेहद करीब था और घटना के दिन भी वहां मौजूद था।