कुंदन कुमार/ पटना। बिहार में अब सरकारी अस्पतालों में भी जनता दरबार लगाकर आम लोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने इस संबंध में फरमान जारी करते हुए इसे जल्द से जल्द लागू करने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।

अस्पताल प्रमुखों को सौंपी गई जिम्मेदारी

सरकारी अस्पतालों के प्रधान और प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे चिकित्सा अधिकारियों को जनता दरबार में मौजूद रहकर मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतें सुननी होंगी। शिकायत मिलने के बाद उसका त्वरित समाधान करने की दिशा में तुरंत पहल करना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।

सात निश्चय-3 योजना के तहत लागू व्यवस्था

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि यह व्यवस्था मुख्यमंत्री की सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत चल रहे ‘सब का सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और जनहितकारी बनाना है।

शिकायत रजिस्टर में दर्ज होगा हर चरण

अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि शिकायतों के लिए प्रतिदिन एक रजिस्टर मेंटेन किया जाए। इसमें यह दर्ज किया जाएगा कि आम लोगों को स्वास्थ्य संस्थान में किस तरह के सुधार की आवश्यकता है, शिकायत पर क्या संज्ञान लिया गया और समाधान प्रक्रिया के हर चरण में क्या कार्रवाई हुई।

मरीजों को मिलेगा सीधा समाधान

इस नई व्यवस्था से मरीज अब अपनी शिकायत सीधे अस्पताल के जनता दरबार में दर्ज करा सकेंगे। साथ ही, अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि शिकायत का जल्द से जल्द समाधान हो और उसकी पूरी जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज रहे।