कुंदन कुमार/पटना। बिहार सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक अहम निर्णय लिया है। जिन सरकारी कार्यालयों में महिलाओं की संख्या कम है, वहां अब महिला अधिकारियों को ही कार्यालय प्रधान बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। यह पहल राज्य सरकार की सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत सशक्त महिला, सक्षम महिला लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागों के सचिव, प्रधान सचिव और अपर सचिवों को पत्र जारी किया है। विभाग के संयुक्त सचिव रजनीश कुमार द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि क्षेत्रीय प्रशासन में कार्यालय प्रधान के पदों पर अधिक से अधिक महिलाओं की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

आरक्षण मानकों का पालन अनिवार्य

पत्र में यह भी कहा गया है कि महिला अधिकारियों की तैनाती निर्धारित आरक्षण नियमों के तहत ही की जाएगी। सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने कार्यालयों में महिला आरक्षण के अंतर्गत कुल स्वीकृत पदों, उन पर वर्तमान में कार्यरत महिला अधिकारियों और रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराएं।

जानकारी के आधार पर होगा अंतिम फैसला

सभी विभागों से प्राप्त रिपोर्ट के बाद कार्यालयवार महिला प्रधानों की तैनाती को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका मजबूत होगी और लैंगिक संतुलन को बढ़ावा मिलेगा।