पटना। बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पटना स्थित प्रदेश कार्यालय के बाहर गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब बक्सर जिले से आए सैकड़ों कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। यह विरोध प्रदर्शन नवनियुक्त जिलाध्यक्ष के चयन और संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली को लेकर किया गया।

​नियमों की अनदेखी का आरोप

​प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का मुख्य आरोप है कि बक्सर के नए जिलाध्यक्ष के चयन में पार्टी के बुनियादी नियमों को ताक पर रख दिया गया है। उनका दावा है कि जिस व्यक्ति को जिले की कमान सौंपी गई है, उसके पास समर्थन में एक भी ‘डेलीगेट’ (प्रतिनिधि) नहीं है। कार्यकर्ताओं ने सीधे तौर पर प्रदेश नेतृत्व पर पक्षपात और अपारदर्शी प्रक्रिया अपनाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।

​पूर्व जिलाध्यक्ष के समर्थकों का शक्ति प्रदर्शन

​जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सिंह यादव के समर्थक कर रहे थे। समर्थकों का कहना है कि पार्टी में वर्षों से पसीना बहाने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने नेतृत्व को घेरे हुए कहा कि एक तरफ पार्टी आंतरिक लोकतंत्र की बात करती है, तो दूसरी तरफ मनमाने तरीके से पद बांटे जा रहे हैं।

​पुनर्मतदान और जांच की मांग

​हंगामे के बीच कार्यकर्ताओं ने दो टूक मांग रखी है कि इस चयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच हो। उनकी मांग है कि वर्तमान नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और निष्पक्ष तरीके से दोबारा चुनाव कराया जाए। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पदाधिकारियों ने नाराज कार्यकर्ताओं को समझाने और उनकी शिकायतें ऊपर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, लेकिन कार्यकर्ताओं का रुख अड़ा रहा।