प्रमोद कुमार/कैमूर। अगर आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं और कश्मीर की वादियों या कन्याकुमारी के तटों का अनुभव करना चाहते हैं, तो अब आपको बिहार से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। कैमूर जिले का करमचट डैम आज पर्यटकों के लिए मिनी कश्मीर बन चुका है। तीन ओर से ऊंची पहाड़ियों से घिरी यह मनमोहक झील सैलानियों को श्रीनगर की डल झील जैसा सुकून दे रही है।

​मात्र 100 रुपये में नौका विहार का आनंद

​करमचट डैम की सबसे बड़ी खासियत यहां का किफायती पर्यटन है। यहां आने वाले पर्यटक मात्र 100 रुपये में नौका विहार का लुत्फ उठा सकते हैं। स्थानीय सैलानी विशाल आनंद बताते हैं कि जिस नज़ारे के लिए बाहर हजारों खर्च करने पड़ते हैं, वह यहां बेहद सस्ते में उपलब्ध है। गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही यहां बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों से पर्यटकों का तांता लग गया है।

​अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस पर्यटन स्थल

​वन एवं पर्यावरण विभाग ने यहां सैलानियों के लिए विश्वस्तरीय इंतजाम किए हैं। डैम परिसर में शुद्ध पेयजल के लिए आरओ प्लांट, बेहतरीन कैंटीन, कैफेटेरिया और महिला-पुरुषों के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था है। इंचार्ज दीपू जी बताते हैं कि पहले यहां करमचट गांव हुआ करता था, लेकिन डैम बनने के बाद विस्थापित हुए लोगों को जमीन और नौकरियां मिलीं। आज यह स्थान पर्यटन की एक नई धरोहर बन चुका है।

​पर्यटकों की पहली पसंद: स्वर्ग सा अनुभव

​कश्मीर से आए पर्यटक रजत सिंह भी यहां की सुंदरता देख चकित रह गए। उन्होंने कहा, यहां का वातावरण श्रीनगर की डल झील जैसा लगता है। स्थानीय लोगों का व्यवहार बहुत स्वागतपूर्ण है। कैमूर की पहाड़ियों के बीच बसी यह झील न केवल प्राकृतिक सुंदरता का केंद्र है, बल्कि फोटोग्राफी और फैमिली आउटिंग के लिए भी बिहार का बेस्ट स्पॉट बन गई है।