पटना। बिहार राज्य महिला आयोग में एक अनोखा पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है। फुलवारी शरीफ के दानापुर चक की रहने वाली 38 वर्षीय महिला ने अपने पिता और तीन भाइयों के खिलाफ आवेदन देकर आरोप लगाया है कि वे उसकी दूसरी शादी नहीं करवा रहे हैं। महिला की पहली शादी अप्रैल 2017 में गयाजी में हुई थी, लेकिन शादी के महज 10 दिन बाद ही वह ससुराल छोड़कर लौट आई। उसका आरोप था कि उसका पति नपुंसक है। बाद में दोनों के बीच तलाक हो गया और महिला को एलिमनी के तौर पर 9 लाख रुपये मिले, जिसे उसने एफडी में जमा करा दिया।
तलाक के बाद वह दोबारा शादी करना चाहती है
महिला का कहना है कि वह एक शिक्षिका है और दीदारगंज के पास एक मध्य विद्यालय में कार्यरत है। तलाक के बाद वह दोबारा शादी करना चाहती है, लेकिन केवल सरकारी नौकरी वाले युवक से ही विवाह करने की इच्छा जता रही है। उसका आरोप है कि घर में भाई-भाभी उसे ताने देते हैं, मजाक उड़ाते हैं और शादी की बात करने पर सहयोग नहीं करते। अक्टूबर 2025 में भाइयों ने साफ कह दिया कि वे उसकी शादी में कोई मदद नहीं करेंगे। यहां तक कि तीन डिसमिल जमीन उसके नाम होने के बावजूद परिवार इस जिम्मेदारी से बच रहा है।
सरकारी नौकरी वाला लड़का मिलना कठिन है
वहीं, 86 वर्षीय पिता का कहना है कि पहली शादी में उन्होंने दो कट्ठा जमीन बेचकर खर्च उठाया था। उनका कहना है कि बिना दहेज सरकारी नौकरी वाला लड़का मिलना कठिन है, फिर भी वे प्रयास कर रहे हैं। आयोग की सदस्य श्यामा सिंह ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को तय की गई है। सुनवाई से पहले ही महिला आयोग से चली गई थी।
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