पटना‌। ​बिहार में औद्योगिक विकास की रफ्तार को एक और बड़ा पंख लगने वाला है। राज्य में भारी निवेश के जरिए एक अत्याधुनिक स्टील प्लांट की स्थापना का रास्ता साफ होता दिख रहा है। हाल ही में सुपर शक्ति एवं अवध स्टील के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल ने बिहार के उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल से मुलाकात कर 6,000 करोड़ के इस मेगा प्रोजेक्ट का औपचारिक प्रस्ताव सौंपा।

​रोजगार और विकास की नई इबारत

​इस प्रस्तावित प्लांट का उद्देश्य न केवल राज्य की औद्योगिक क्षमता को बढ़ाना है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करना है। अनुमान है कि इस विशाल परियोजना से बिहार के हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही, प्लांट के शुरू होने से लॉजिस्टिक, परिवहन और सेवा क्षेत्र में भी नई हलचल देखने को मिलेगी।

​MSME सेक्टर को मिलेगी संजीवनी

​इस निवेश का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को होगा। स्टील प्लांट की वजह से कई सहायक इकाइयां विकसित होंगी, जिससे राज्य में एक पूरा औद्योगिक ईकोसिस्टम तैयार होगा। इससे स्थानीय कच्चे माल की खपत बढ़ेगी और राज्य के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

​सरकार का सकारात्मक रुख

​बैठक के दौरान उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों और बेहतर होते इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र किया। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि बिहार सरकार ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत हर संभव सहयोग और सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि बिहार अब बड़े निवेशों के लिए एक भरोसेमंद और उभरता हुआ गंतव्य बन चुका है।