सोहराब आलम/मोतिहारी। बिहार सरकार भले ही सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के दावे कर रही हो, लेकिन पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की तस्वीरें इन दावों की पोल खोल रही हैं। लंबे समय से विवादों के घेरे में रहने वाले इस अस्पताल की स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव और कुप्रबंधन की शिकायतों के बीच स्वास्थ्य विभाग के आरडीडी (RDD) डॉ. अजय कुमार ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।

​निरीक्षण में खुली पोल

​निरीक्षण के दौरान डॉ. अजय कुमार तब दंग रह गए जब उन्होंने पाया कि अस्पताल में आने वाली महिलाओं के लिए स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं थी। पूरे परिसर में गंदगी का अंबार लगा था, जिसे देख उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई। स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही और कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुविधा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​गर्भवती महिलाओं के लिए सुविधाओं का अभाव

​आरडीडी ने अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को होने वाली परेशानियों को गंभीरता से लिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि महिलाओं के लिए विशेष सुविधाओं को तुरंत बहाल किया जाए और आवश्यक निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

​प्रबंधन और लॉन्ड्री में भारी गड़बड़ी

​निरीक्षण के दौरान केवल साफ-सफाई ही नहीं, बल्कि अस्पताल के आंतरिक प्रभार और लॉन्ड्री व्यवस्था में भी व्यापक अनियमितताएं पाई गईं। डॉ. अजय कुमार ने इन सभी कमियों को जल्द से जल्द दूर करने का दावा किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही बुनियादी सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। संग्रामपुर के स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस निरीक्षण के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आएगा।