पटना। बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसका मुख्य एजेंडा राज्यसभा की सभी पांचों सीटों पर जीत सुनिश्चित करना है। आंकड़ों के लिहाज से NDA चार सीटों पर मजबूत स्थिति में है, लेकिन असली चुनौती पांचवें उम्मीदवार की जीत को लेकर है।
पांचवें उम्मीदवार के लिए 3 वोटों का गणित
बैठक में रणनीति का मुख्य केंद्र वह ‘तीन वोट’ हैं, जो पांचवें उम्मीदवार की जीत के लिए अनिवार्य हैं। वर्तमान संख्या बल को देखते हुए NDA के पास चार सीटों के लिए पर्याप्त आंकड़े हैं, लेकिन पांचवीं सीट के लिए रणनीतिक सेंधमारी या निर्दलयियों का साथ जरूरी होगा। इसी अंकगणित को सुलझाने के लिए बीजेपी, जदयू, हम (HAM) और रालोमा (RLM) के दिग्गज नेता एक मेज पर जुटे हैं।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, मंत्री श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लखेंद्र पासवान, और विधायक मनोज शर्मा समेत कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए। जदयू और भाजपा के आपसी समन्वय को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। हालांकि, मंत्री जमा खान अपनी व्यस्तता के चलते बैठक में संक्षिप्त उपस्थिति दर्ज कराकर अपने क्षेत्र के लिए रवाना हो गए।
लखेंद्र पासवान का बड़ा बयान
रणनीति के बीच मंत्री लखेंद्र पासवान के एक बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पूरा NDA गठबंधन चाहता है कि बिहार का मुख्यमंत्री भाजपा से हो। राज्यसभा चुनाव की इस बैठक में इस तरह के बयान के गहरे राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं, जो भविष्य में गठबंधन के स्वरूप की ओर इशारा करते हैं।
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