पटना। बिहार की सियासत में एक बड़े युग का परिवर्तन होने जा रहा है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद अब एनडीए के भीतर नए मुख्यमंत्री को लेकर मंथन चरम पर है। भारतीय जनता पार्टी ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) नियुक्त किया है। शिवराज सिंह का अनुभव और विधायकों की नब्ज पकड़ने की उनकी कला, एनडीए के घटक दलों के बीच सर्वसम्मति बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

​मिशन 2025: जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर नजर

​भाजपा इस बार बिहार में ऐसे चेहरे को सामने लाना चाहती है जो न केवल ब्रांड मोदी को आगे बढ़ाए, बल्कि राज्य के जटिल जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को भी साध सके। लक्ष्य साफ है आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एक मजबूत और स्वीकार्य नेतृत्व तैयार करना।

​मुख्यमंत्री की रेस में ये 5 दिग्गज नाम

​चर्चा है कि इस बार मुख्यमंत्री का पद भाजपा के कोटे में जा सकता है। वर्तमान में 5 प्रमुख नाम रेस में सबसे आगे चल रहे हैं, जिनमें महिला और पुरुष नेतृत्व का संतुलित मिश्रण है:

  • ​सम्राट चौधरी: आक्रामक राजनीति और संगठनात्मक पकड़ के लिए जाने जाते हैं।
  • ​संजीव चौरसिया: युवा चेहरा और कैडर के बीच लोकप्रिय।
  • ​जनक राम: दलित समीकरणों को साधने में माहिर।
  • ​श्रेयसी सिंह: खेल और राजनीति का चमकता चेहरा।
  • ​धर्मशीला गुप्ता: महिला नेतृत्व और जमीनी पकड़।

​नीतीश कुमार का नया सफर: चारों सदनों के सदस्य बने

​मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। वे देश के उन विरल नेताओं में शामिल हो गए हैं जो लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद इन चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

​इस्तीफे और शपथ ग्रहण का संभावित शेड्यूल

​बिहार में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज हो गई है:

  • ​13 अप्रैल 2026: नीतीश कुमार विधायक दल की बैठक के बाद इस्तीफा सौंप सकते हैं।
  • ​14-15 अप्रैल 2026: नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा और नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होने की प्रबल संभावना है।

​JDU के पास होगा डिप्टी CM और स्पीकर पद

​गठबंधन के नए फॉर्मूले के तहत इस बार जेडीयू को दो डिप्टी सीएम का पद मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के भविष्य के नेतृत्व के तौर पर निशांत कुमार का नाम डिप्टी सीएम के लिए लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा, विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) का पद भी इस बार जेडीयू के खाते में जाने की उम्मीद है।