कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति में पोस्टरों के जरिए संदेश देने का सिलसिला नया नहीं है, लेकिन हाल ही में भाजपा कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है। इस पोस्टर में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बिहार के अगले मुख्यमंत्री के रूप में पेश करने की मांग की गई है। इस मांग के सामने आने के बाद पार्टी के भीतर और बाहर बयानों का दौर शुरू हो गया है।

​रामकृपाल यादव ने क्या कहा?

​इस पोस्टर पर जब पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रामकृपाल यादव से सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही नपे-तुले और अनुभवी अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ताओं में उत्साह होना स्वाभाविक है और वे अपने नेता के प्रति प्रेम प्रकट करते हैं। रामकृपाल यादव ने कहा, लोकतंत्र में कार्यकर्ताओं की अपनी भावनाएं होती हैं, लेकिन भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व और संसदीय बोर्ड सही समय पर करता है।

​गठबंधन और अनुशासन का हवाला

​रामकृपाल यादव ने यह भी संकेत दिया कि वर्तमान में एनडीए गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार मजबूती से चल रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी तरह के भ्रम में न आएं और पार्टी के निर्देशों का पालन करें। उनके बयान से साफ है कि भाजपा अभी किसी भी तरह के नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा कर गठबंधन में दरार नहीं आने देना चाहती।

​पोस्टर के पीछे का सियासी संदेश

​राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह पोस्टर महज किसी कार्यकर्ता का उत्साह नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति के लिए एक पिच तैयार करने की कोशिश है। सम्राट चौधरी फिलहाल बिहार भाजपा के सबसे कद्दावर चेहरों में से एक हैं, ऐसे में उनके समर्थकों द्वारा उन्हें शीर्ष पद पर देखने की इच्छा जताना आगामी चुनावों की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।