कुंदन कुमार/पटना। बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर जारी राजनीतिक खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने इस बहस में कूदते हुए सीधे सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के विधायक दल के नेता राजू तिवारी ने शराबबंदी और दफेदार-चौकीदार पर हुए लाठीचार्ज को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
शराबबंदी पर विपक्ष की दोहरी नीति पर सवाल
राजू तिवारी ने याद दिलाया कि जब 2016 में शराबबंदी लागू की गई थी, तब राज्य के सभी राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर इसका समर्थन किया था। उन्होंने सवाल किया कि अगर उस वक्त सहमति थी, तो आज तकलीफ क्यों हो रही है? उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही हैं, वहां प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है, जिसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
दफेदार-चौकीदार लाठीचार्ज
हाल ही में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे दफेदार और चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज की राजू तिवारी ने कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि अपनी वाजिब मांगों के लिए आंदोलन करना सबका अधिकार है। प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाना किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करती है।
चिराग पासवान करेंगे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पार्टी प्रमुख चिराग पासवान ने मोर्चा संभाल लिया है। राजू तिवारी के अनुसार, चिराग पासवान इस विषय पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखेंगे और व्यक्तिगत रूप से मुलाकात भी करेंगे। इसके साथ ही, लोजपा (रामविलास) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मुख्यमंत्री से मिलकर इन गंभीर मुद्दों पर अपनी चिंताएं साझा करेगा।
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