कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों क्रेडिट लेने की होड़ मची है। एनडीए गठबंधन के भीतर अब नीतीश मॉडल बनाम सम्राट मॉडल को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर शुरू हुई यह बहस अब गठबंधन की आंतरिक कलह के रूप में सतह पर आ गई है।
बिहार में अब सम्राट मॉडल का खौफ
विवाद की शुरुआत बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। उन्होंने बिहार की वर्तमान कानून-व्यवस्था में आए बदलावों को सीधे तौर पर डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी की सख्ती से जोड़ दिया। बीजेपी का दावा है कि गृह विभाग की कमान संभालते ही अपराधियों में खौफ का माहौल है।
बीजेपी प्रवक्ता ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर इसे योगी मॉडल से जोड़ते हुए सम्राट मॉडल का नाम दिया। उनके अनुसार, बिहार में अब माफियाओं के खिलाफ बुलडोजर चल रहे हैं, अपराधी सरेंडर कर रहे हैं और एनकाउंटर का डर अपराधियों को जंगल की ओर भागने पर मजबूर कर रहा है। बीजेपी ने संकल्प दोहराया है कि अगले 3 महीनों में बिहार से अपराध को पूरी तरह उखाड़ फेंका जाएगा।

जेडीयू का पलटवार: नीतीश ही सर्वमान्य नेता
बीजेपी के इस सम्राट मॉडल वाले दावे को जेडीयू ने सिरे से खारिज कर दिया है। जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने दो-टूक लहजे में कहा कि बिहार में सिर्फ और सिर्फ नीतीश मॉडल ही चलता है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह खुद सार्वजनिक मंचों से नीतीश कुमार के सुशासन और शराबबंदी जैसे फैसलों की तारीफ कर चुके हैं।
जेडीयू का तर्क है कि गठबंधन चाहे एनडीए का हो या महागठबंधन का, नेतृत्व हमेशा नीतीश कुमार का ही रहा है। ऐसे में किसी एक विभाग की उपलब्धि को व्यक्तिगत ‘मॉडल’ बताना अनुचित है।
विभागों के आधार पर नहीं बंटता सुशासन
जेडीयू ने तंज कसते हुए कहा कि अगर विभाग के आधार पर मॉडल तय होने लगे, तो सरकार चलाना मुश्किल हो जाएगा। नीरज कुमार ने कहा, विजेंद्र यादव के पास वित्त विभाग है, तो क्या हम उसे ‘विजेंद्र मॉडल’ कहने लगें? उन्होंने बीजेपी प्रवक्ता को सलाह दी कि वे बयान देने से पहले खुद सम्राट चौधरी से बात कर लें, क्योंकि सम्राट चौधरी स्वयं कई बार नीतीश मॉडल की प्रशंसा कर चुके हैं।
फिलहाल, इस क्रेडिट वॉर ने यह साफ कर दिया है कि आगामी चुनाव से पहले दोनों दल अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं, जिससे गठबंधन के भीतर खींचतान और बढ़ने के आसार हैं।
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