पटना। बिहार की सियासत में ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है, जिसके बाद अब उनका दिल्ली जाना तय है। इस कदम के साथ ही बिहार को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, रामनवमी (26 मार्च) तक नई सरकार का गठन हो सकता है।

14-14 के फॉर्मूले पर कैबिनेट

​नई सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 32 हो सकती है। इसमें संतुलन साधने के लिए BJP और JDU से 14-14 मंत्री बनाए जा सकते हैं। साथ ही चिराग पासवान की LJP(R) को 2 और RLM-HAM को 1-1 मंत्री पद मिलने की उम्मीद है। चर्चा है कि इस बार दोनों दल कई नए चेहरों को मौका देकर भविष्य की राजनीति की नींव रखेंगे।

​गृह विभाग और स्पीकर पद पर खींचतान

​गठबंधन में सब कुछ सामान्य नहीं है। JDU ने अब स्पीकर और गृह विभाग पर अपना दावा ठोक दिया है। तर्क यह है कि चूंकि CM पद BJP के पास जा रहा है, इसलिए ये महत्वपूर्ण पद JDU को मिलने चाहिए। दूसरी ओर, BJP 2005 के बाद पहली बार मिले गृह विभाग और सरकार की स्थिरता के लिए जरूरी स्पीकर पद को छोड़ने के मूड में नहीं है।

​सम्राट चौधरी: BJP के सबसे मजबूत दावेदार

​मुख्यमंत्री की रेस में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है। ‘लव-कुश’ समीकरण (कोइरी-कुर्मी) को साधने के लिए BJP सम्राट को आगे बढ़ा सकती है। कोइरी समाज (4.21%) और कुर्मी समाज (2.87%) पर अब तक नीतीश की पकड़ रही है। सम्राट चौधरी के जरिए BJP इस बड़े वोट बैंक को पूरी तरह अपने पाले में करने की रणनीति पर काम कर रही है।