पटना। नीट प्रकरण को लेकर सांसद पप्पू यादव के हालिया बयानों से बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल से नेताओं और विधायकों को लड़कियां सप्लाई किए जाने के उनके आरोप पर जदयू विधायक पप्पू वर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पप्पू यादव पर ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे खुद को समाजसेवी और दानवीर के रूप में पेश करते हैं, जबकि वास्तविकता कुछ और है।

हर महीने 10 लाख वसूली का दावा

पप्पू वर्मा ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव कई बड़े अस्पतालों से हर महीने लगभग 10 लाख रुपये की वसूली करते हैं। उनका दावा है कि इस रकम में से करीब 5 लाख रुपये बांटकर वे समाजसेवा का दिखावा करते हैं। विधायक ने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसा व्यक्ति नहीं देखा, जो इस तरह से दबाव बनाकर काम करता हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पप्पू यादव का कई निजी अस्पतालों से लेन-देन जुड़ा हुआ है।

नीतीश कुमार पर आरोपों को बताया निराधार

नीट मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगाए गए आरोपों को जदयू विधायक ने पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की जांच सीबीआई और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की निगरानी में हो रही है। बिना प्रमाण के मुख्यमंत्री पर आरोप लगाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, नीतीश कुमार ने बिहार के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

सबूत सार्वजनिक करने की चुनौती

पप्पू वर्मा ने पप्पू यादव को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई ठोस सबूत हैं तो वे उन्हें सार्वजनिक करें। केवल बयानबाजी से राजनीतिक माहौल खराब होता है। उन्होंने दावा किया कि पारस अस्पताल से धन लेन-देन से जुड़े प्रमाण उनके पास मौजूद हैं।

पप्पू यादव के आरोप क्या थे

इससे पहले पप्पू यादव ने आरोप लगाया था कि पटना में एक गर्ल्स हॉस्टल के संचालक द्वारा सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था और प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की जांच नहीं हो रही। उन्होंने मोबाइल और लोकेशन डेटा की जांच की मांग भी की थी।