कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े उलटफेर की सुगराहट तेज हो गई है। राज्यसभा चुनाव के दौरान वोटिंग से दूरी बनाने वाले आरजेडी विधायक फैजल रहमान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके सरकारी आवास 1 अणे मार्ग पर मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद राज्य के सियासी गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है कि क्या बिहार में कोई नया समीकरण आकार ले रहा है।
विकास के बहाने सियासी मेल-मुलाकात?
आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को ढाका विधानसभा क्षेत्र के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। विधायक फैजल रहमान ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से ढाका के सर्वांगीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे बुनियादी मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि इस शिष्टाचार भेंट के पीछे की कहानी कुछ और भी हो सकती है।

राज्यसभा चुनाव और इनाम की चर्चा
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में नीतीश सरकार ने उन विधायकों पर विशेष ध्यान दिया है जिन्होंने राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन से हटकर रुख अपनाया था। फैजल रहमान (RJD) और मनोहर प्रसाद सिंह (कांग्रेस) ने राज्यसभा चुनाव में वोटिंग से दूरी बनाई थी। अब वित्त वर्ष 2026-27 के लिए गठित विधानसभा समितियों में इन दोनों विपक्षी विधायकों को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फैजल रहमान को गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
नई समितियों का गठन और कार्यकाल
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की मंजूरी के बाद कुल 19 समितियों की सूची जारी की गई है। इन समितियों का कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक रहेगा। राजनीति के विशेषज्ञों का मानना है कि विपक्ष के बागी रुख वाले विधायकों को महत्वपूर्ण समितियों में जगह देना एनडीए सरकार की संतुलन साधने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
क्या पाला बदलेंगे महागठबंधन के विधायक?
इस मुलाकात और समितियों में मिली जिम्मेदारी के बाद यह चर्चा आम है कि क्या कांग्रेस और आरजेडी के कुछ विधायक एनडीए के पाले में जा सकते हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक तौर पर पाला बदलने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जिस तरह से बागी विधायकों को सरकार की ओर से तरजीह मिल रही है, उससे सियासी खेला होने की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता।
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