कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद अब उनके इस्तीफे और नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने स्पष्ट कर दिया है कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना अब महज एक औपचारिकता है।

​नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना अब तय: उपेंद्र कुशवाहा

​उपेंद्र कुशवाहा ने दो टूक शब्दों में कहा कि चूंकि नीतीश कुमार ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ले ली है, इसलिए तकनीकी और नैतिक रूप से अब वह बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस्तीफा देने का सही समय क्या होगा, यह पूरी तरह से नीतीश कुमार का निजी निर्णय है। कुशवाहा ने कहा, वह आज इस्तीफा दें या कल, यह उनका विषय है, लेकिन उनका पद छोड़ना अब निश्चित है।

​इस्तीफे से नई सरकार के गठन तक की प्रक्रिया

​उपेंद्र कुशवाहा ने संवैधानिक और राजनीतिक प्रक्रिया को समझाते हुए बताया कि नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए कुछ चरणों का पालन करना अनिवार्य है:

  • ​विधायक दल की बैठक: सबसे पहले एनडीए के सभी घटक दलों को अपने-अपने विधायकों के साथ बैठक करनी होगी।
  • ​नेता का चयन: प्रत्येक दल अपने विधायक दल के नेता का चुनाव करेगा।
  • ​NDA की सामूहिक बैठक: इसके बाद एनडीए के सभी साथी दलों की एक संयुक्त बैठक होगी, जिसमें सर्वसम्मति से नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाई जाएगी।
  • ​राज्यपाल को प्रस्ताव: अंत में, बहुमत का समर्थन पत्र और नए मुख्यमंत्री का प्रस्ताव राज्यपाल को सौंपा जाएगा, जिसके बाद नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा।

​मुख्यमंत्री की रेस और ‘नीतीश मॉडल’ पर चर्चा

​जब उपेंद्र कुशवाहा से खुद के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं पर सवाल किया गया, तो उन्होंने हंसते हुए इसे लोगों की जिज्ञासा बताया और धन्यवाद दिया। वहीं, जेडीयू के कुछ नेताओं द्वारा निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग पर उन्होंने इसे जदयू का आंतरिक विषय बताया।
​दिलचस्प बात यह है कि कुशवाहा ने ‘नीतीश युग’ के अंत की बात को नकार दिया। उन्होंने कहा कि भले ही चेहरा बदले, लेकिन बिहार में ‘नीतीश मॉडल’ ही प्रभावी रहेगा और उन्हीं के मार्गदर्शन में सरकार आगे बढ़ेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब वह और नीतीश कुमार दोनों राज्यसभा में साथ बैठेंगे, जहां वह पूर्व मुख्यमंत्री से बिहार के मुद्दों पर सवाल-जवाब करेंगे।

​NDA में सब ‘ऑल इज वेल’

​गठबंधन के भीतर किसी भी तरह की अनबन की खबरों को खारिज करते हुए कुशवाहा ने कहा कि एनडीए में सब कुछ सहज है। कोई ‘खटपट’ नहीं है और सभी निर्णय मिल-बैठकर लिए जाएंगे।