पटना। बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। संख्या बल के आधार पर NDA अपनी 4 सीटों पर जीत तय मान रहा है, लेकिन 5वीं सीट के लिए विपक्ष (महागठबंधन) ने अपना उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। इसी रणनीति को धार देने के लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को अपने आवास पर महागठबंधन के विधायकों के लिए एक बैठक सह ‘मटन पार्टी’ का आयोजन किया।

​बैठक से BSP और AIMIM नदारद

​तेजस्वी की इस एकजुटता मुहिम को तब बड़ा झटका लगा जब BSP और AIMIM के विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने दो टूक कहा कि उन्हें राजद की ओर से कोई आधिकारिक निमंत्रण नहीं मिला। उन्होंने इसे तेजस्वी की ‘पारिवारिक बैठक’ करार देते हुए कहा कि समर्थन का फैसला वक्त आने पर लिया जाएगा। AIMIM की मांग है कि राजद उनके उम्मीदवार का समर्थन करे, जिस पर फिलहाल पेंच फंसा हुआ है।

​एक-एक वोट की कीमत और क्रॉस वोटिंग का डर

​बैठक के दौरान तेजस्वी यादव ने सभी विधायकों को समय पर मतदान केंद्र पहुँचने और किसी भी चूक से बचने का सख्त निर्देश दिया। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने दावा किया कि उनके पास 41 विधायकों का पर्याप्त समर्थन है और जीत सुनिश्चित है। हालांकि, सियासी गलियारों में कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के भीतर ‘क्रॉस वोटिंग’ की सुगबुगाहट तेज है, जिससे महागठबंधन खेमे में बेचैनी साफ दिख रही है।

​NDA बनाम महागठबंधन की जंग

​वर्तमान समीकरणों के अनुसार, खाली हो रही सीटों में से 3 NDA और 2 महागठबंधन के पास थीं। लेकिन नए संख्या बल के साथ NDA चौथी सीट पर कब्जा करने की फिराक में है, जबकि राजद अपनी साख बचाने के लिए छोटे दलों और निर्दलीयों को साधने में जुटी है।