पटना। बिहार राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सियासी हलचल तेज हो गई है। महागठबंधन की हालिया बैठक में रणनीति पर चर्चा हुई, लेकिन 5 विधायकों की अनुपस्थिति (कांग्रेस के 3 और राजद के 2) ने चिंता की लकीरें खींच दी हैं। इसके बावजूद, राजद नेता तेजस्वी यादव जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आए। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, संख्या बल हमारे पास है, तभी तो हम चुनावी मैदान में हैं।
अख्तरुल ईमान से ‘डील’ की तैयारी
राजद उम्मीदवार एडी सिंह की नैया पार लगाने के लिए तेजस्वी यादव आज एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान से अहम बातचीत करेंगे। माना जा रहा है कि दोनों दलों के बीच एक बड़ा समझौता हो सकता है। इस डील के तहत यदि ओवैसी की पार्टी राज्यसभा में महागठबंधन का साथ देती है, तो बदले में राजद आगामी विधान परिषद चुनाव में एआईएमआईएम उम्मीदवार को अपना समर्थन दे सकता है।
बसपा से दूरी और आंकड़ों का पेंच
हैरानी की बात यह रही कि तेजस्वी ने बसपा विधायक सतीश कुमार सिंह यादव को बैठक का न्योता तक नहीं दिया। इस पर विधायक ने स्पष्ट किया कि वे पार्टी आलाकमान के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, एक सीट जीतने के लिए 41 वोटों की जरूरत है:
NDA: 202 विधायक हैं, 5 सीटें जीतने के लिए उन्हें 3 और वोटों की दरकार है।
महाठबंधन: राजद के पास सहयोगियों समेत 35 वोट हैं, जीत के लिए 6 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है।
यही वजह है कि एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 विधायक की भूमिका इस चुनाव में निर्णायक साबित होने वाली है।
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