पटना। बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए होने वाली जंग अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। जोड़-तोड़ की राजनीति के बीच बुधवार को AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बैठक को 5वीं सीट के गणित को सुलझाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
’एक तरफ दरिंदा, दूसरी तरफ शिकारी’
मुलाकात से पहले अख्तरुल ईमान के कड़े तेवर देखने को मिले। उन्होंने वर्तमान राजनीतिक हालात पर तंज कसते हुए कहा, “एक तरफ दरिंदा है और दूसरी तरफ शिकारी, मैं दोनों से बचकर चलता हूं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजस्वी से बातचीत के बाद अंतिम फैसला असदुद्दीन ओवैसी लेंगे। गौर करने वाली बात यह है कि मंगलवार को तेजस्वी द्वारा दी गई मटन पार्टी से AIMIM और BSP के विधायक नदारद रहे थे, जिससे महागठबंधन की चिंता बढ़ गई थी।
राजद का दावा: संख्या बल है साथ विपक्ष की ओर से राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने हुंकार भरते हुए कहा कि उनके पास 41 विधायकों का समर्थन है और जीत तय है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश चलाने वाले अब ‘चमड़े के सप्लायर’ बन गए हैं, इसलिए चुनाव की नौबत आई है। राजद अपने कुनबे को एकजुट रखने के लिए व्हिप और बैठकों का सहारा ले रही है।
क्रॉस वोटिंग का डर और NDA की रणनीति
NDA ने 5 में से 4 सीटों पर जीत का दावा ठोक दिया है, जिससे 5वीं सीट के लिए मुकाबला कड़ा हो गया है। महागठबंधन को सबसे बड़ा डर क्रॉस वोटिंग का है, खासकर कांग्रेस विधायकों को लेकर संशय बना हुआ है। यदि AIMIM के 5 और BSP का 1 विधायक राजद के पाले में नहीं आते हैं, तो विपक्षी उम्मीदवार की राह मुश्किल हो सकती है। फिलहाल, सबकी नजरें तेजस्वी और ईमान की इस ‘सीक्रेट’ मीटिंग के नतीजों पर टिकी हैं।
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