वीरेंद्र कुमार/नालंदा। बिहार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान ने राज्य के औद्योगिक भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन साझा किया है। हरनौत के गोनावा रोड स्थित सवारी डिब्बा मरम्मत कारखाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार अब राज्य को फिर से ‘चीनी का कटोरा’ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री की बैठक के बाद बड़ा निर्णय
मंत्री पासवान ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में गन्ना उद्योग के पुनरुद्धार का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। सरकार ने निर्णय लिया है कि अगले दो से चार महीनों के भीतर राज्य में वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों के जीर्णोद्धार का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
25 नई चीनी मिलों की स्थापना
सबसे महत्वपूर्ण घोषणा 25 नई चीनी मिलों को लेकर रही। मंत्री ने दावा किया कि इन नई इकाइयों की स्थापना के लिए सरकारी स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना और स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
किसानों के लिए आधुनिक सुविधाएं
गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार केवल मिलों पर ही नहीं, बल्कि खेतों पर भी ध्यान दे रही है। मंत्री ने बताया कि:
किसानों को अनुदानित दर पर कीटनाशक उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
खेती को आसान बनाने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जा रही है।
इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि गन्ना किसानों की आय में भी रिकॉर्ड वृद्धि होगी।
इस कदम से बिहार के राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है, जिसे राज्य के विकास के लिए एक ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है।
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