पटना। बिहार में इस साल गर्मी ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी कर ली है। मार्च के शुरुआती पखवाड़े में ही पारा 36.8°C तक जा पहुंचा है, जिसने भविष्य की भयावह स्थिति का संकेत दे दिया है। मौसम विभाग और निजी एजेंसियों के अनुसार, अप्रैल में तापमान 40°C के आंकड़े को पार कर जाएगा।
क्यों तप रहा है बिहार?
इस भीषण गर्मी के पीछे मुख्य कारण ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ का कमजोर पड़ना है। नवंबर 2025 के बाद से कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ, जिससे पहाड़ों पर बर्फबारी कम हुई और मैदानी इलाकों में ठंडक जल्दी खत्म हो गई। मानसून की बेरुखी और कम बारिश ने धरती की नमी सोख ली है, जिससे फरवरी में ही बसंत की जगह गर्मी ने दस्तक दे दी।
गया और डेहरी: क्यों बनते हैं ‘हीट चैंबर’?
गयाजी की भौगोलिक बनावट इसे सबसे गर्म बनाती है। तीन तरफ से पथरीली पहाड़ियों और सूखी नदी की मौजूदगी के कारण यहां ‘हीट ट्रैप’ की स्थिति बनती है। वहीं, रोहतास का डेहरी इलाका समुद्र से दूर और मैदानी भाग में होने के कारण उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं (लू) की चपेट में सबसे पहले आता है। कर्क रेखा की निकटता भी इन क्षेत्रों में सूर्य की किरणों को सीधा और तीखा बनाती है।
राहत की उम्मीद: बारिश और यलो अलर्ट
झुलसती गर्मी के बीच राहत की खबर यह है कि 15 से 19 मार्च के दौरान बिहार के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात का यलो अलर्ट जारी किया है। दक्षिण-मध्य और उत्तर बिहार के जिलों में 16 से 19 मार्च के बीच हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
सावधान: अप्रैल-मई में चलेगी लू
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 12 से 26 अप्रैल के बीच तापमान 39°C के पार रहेगा, जबकि 15 से 26 मई तक पारा 40°C से ऊपर बना रहेगा। इस दौरान भीषण लू चलने की पूरी आशंका है, जो स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
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